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सशक्त जनमाध्यम के रूप में उभरता सामुदायिक रेडियोः एक अध्ययन

Author(s): डॉ. विनय कुमार, सहायक प्राचार्य, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, ख्वाज़ा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ   DOI: 10.70650/rvimj.2026v3i2004   DOI URL: https://doi.org/10.70650/rvimj.2026v3i2004
Published Date: 03-02-2026 Issue: Vol. 3 No. 2 (2026): February 2026 Published Paper PDF: Download

सारांश: सामुदायिक रेडियो, शिक्षा, सामुदायिक कल्याण, पर्यावरण जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की जागरूकता, विविधता में एकता और समग्र विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। यही नहीं कुछ और स्वतंत्रता मिलने पर यह छोटे-छोटे केन्द्र लोकतंत्र को उसका सही अर्थ प्रदान कर सकते हैं। सामुदायिक रेडियो का उद्देश्य इसे अधिक से अधिक सहभागी बनाना, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधित सभी प्रसारण की पहुंच, सूचना की खाई को कम करना, सही और सामयिक सूचना को उन तक पहुंचाना है। सशक्त जनमाध्यम के रूप में उभरता सामुदायिक रेडियो को शोध विषय बनाने का मकसद यह जानना है कि सामुदायिक रेडियो श्रोताओं की जागरूकता में किस प्रकार वृद्धि कर रहा है। इसके द्धारा प्रसारित कार्यक्रमों का श्रोताओं पर क्या प्रभाव है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर श्रोताओं में जागरूकता फैलाने में सामुदायिक रेडियो की भूमिका का अध्ययन किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। इस हेतु उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सीएमएस (सिटी मॉण्टेसरी स्कूल) सामुदायिक रेडियो केंद्र का चुनाव उद्देश्यपूर्ण ढंग से किया गया है।

मुख्य शब्द: समुदाय, सामुदायिक रेडियो, जनमाध्यम, जागरूकता, स्वच्छता, जिज्ञासा, अनुसूची, स्वनिर्मित, सामाजिक परिदृश्य, रेडियो प्रसारण.


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