डिजिटल गवर्नेंस और भारत में लोक प्रशासन की बदलती प्रकृतिः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Published Date: 05-10-2025 Issue: Vol. 2 No. 10 (2025): October 2025 Published Paper PDF: Download
सारांश: भारत में डिजिटल गवर्नेंस ने लोक प्रशासन की प्रकृति को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे की तुलना में डिजिटल प्रणाली ने सेवाओं के वितरण को अधिक सरल, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाया है। इस परिवर्तन के परिणामस्वरूप नागरिक सहभागिता में वृद्धि हुई है तथा सरकारी सेवाओं तक पहुँच अधिक व्यापक और समावेशी बनी है। डिजिटल गवर्नेंस के विकास में ई-गवर्नेंस 1.0 से लेकर 2.0 तक की यात्रा महत्वपूर्ण रही है, जिसमें सेवाओं का केंद्रीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया का विकास शामिल है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक संगठित और प्रभावी बनी है। साथ ही, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेटा नीति ने शासन को अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, इस परिवर्तन के साथ कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं, जैसे सूचना सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और डिजिटल विभाजन। इन समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत नीति-निर्माण, नैतिक मानकों का पालन और तकनीकी सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। अंततः, डिजिटल गवर्नेंस ने भारतीय लोक प्रशासन को अधिक समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यदि उचित रणनीतियों और संतुलित नीतियों के साथ इसका विकास जारी रखा जाए, तो यह भविष्य में सुशासन और सतत विकास का सशक्त आधार बन सकता है।
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