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सांस्कृतिक कार्यक्रम का भौतिक पर्यावरण पर प्रभावः एक अध्ययन

Authors: डॉ० अमित कुमार सिंह, पी-एच0 डी0, भूगौल विभाग, बी. एन. एम. यू,, मधेपुरा.   DOI: 10.70650/rvimj.2025v2i800017   DOI URL: https://doi.org/10.70650/rvimj.2025v2i800017
Published Date: 11-08-2025 Issue: Vol. 2 No. 8 (2025): August 2025 Published Paper PDF: Download

सारांशः सांस्कृतिक कार्यक्रम, जैसे उत्सव, संगीत समारोह और सांस्कृतिक मेलों, न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं, बल्कि भौतिक पर्यावरण पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। यह आलेख विभिन्न शोधों की समीक्षा के आधार पर इन कार्यक्रमों के पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण करता है। प्रमुख निष्कर्षों में यात्रा से उत्पन्न उच्च कार्बन उत्सर्जन, अपशिष्ट उत्पादन और जल संसाधनों पर दबाव शामिल हैं, हालांकि कुछ मामलों में सकारात्मक प्रभाव जैसे जागरूकता और बुनियादी ढांचे का सुधार भी देखा गया है। सुझाव दिया गया है कि सतत प्रबंधन रणनीतियों से नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भौतिक पर्यावरण पर सीधा प्रभाव पड़ता है, जिसमें ध्वनि और वायु प्रदूषण भारी मात्रा में कचरा (अपशिष्ट) उत्पादन और संसाधनों का अत्यधिक उपभोग शामिल है, विशेषकर बड़े आयोजनों में आधुनिक दुनिया में, व्यक्तिवाद के बढ़ने के साथ, लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर ध्यान देना कम हो गया है।

मुख्य शब्द: सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण, प्रदूषण।.


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